ਸਾਵੇ ਹਰਫ਼ 'ਤੇ ਆਪ ਜੀ ਦਾ ਨਿੱਘਾ ਸੁਆਗਤ ਹੈ। ਆਪਣੇ ਅੰਤਰਮਨ ਦੇ ਭਾਵਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਬਦੀ ਜਾਮਾ ਪੁਆ ਕੇ ਆਪ ਅੱਗੇ ਪੇਸ਼ ਕਰਨ ਦਾ ਇੱਕ ਨਿਮਾਣਾ ਜਿਹਾ ਉਪਲਾਰਾ ਹੈ।

Oct 7, 2012

स्वर्ग जैसा कश्मीर

मेरे यह हाइकु 6 अक्तूबर 2012 को हिन्दी हाइकु पर प्रकाशित हुए । देखने के लिए यहाँ क्लिक कीजिएगा ।
1 .
खूबसूरत !    
स्वर्ग जैसा कश्मीर 
खिले हैं फूल ! 
2.
नाम कश्मीर 
सुन डरते लोग,
मौत का खौफ़ !
3.
पूछती फिज़ा- 
फैलाएँ नफ़रत
हैं ये कौन ?
4.
दर्द बाँटता
समझो कश्मीर को
दिल है ज़ख्मी
5.
सिर का ताज
डल-झील के दृश्य 
रौशन रातें ! 

6.
मन-मोहक 
फूलों वाले शिकारे 
सच्ची  जन्नत !
7.
लगी नज़र
आज किसकी इसे
दिल रोता है !

वरिन्दरजीत सिंह बराड़






2 comments:

  1. ਦੋਸਤਾਂ ਦੇ ਮਿਲੇ ਸ਼ਬਦ ਹੁੰਗਾਰੇ ..........
    1.कश्मीर के हालात पे खूबसूरत हाइकु
    By: anju(anu) on अक्टूबर 6, 2012
    at 9:15 अपराह्न

    2.
    पूछती फिज़ा-
    फैलाएँ नफ़रत
    हैं ये कौन
    सुन्दर हाइकु।
    By: कृष्णा वर्मा on अक्टूबर 7, 2012
    at 1:32 पूर्वाह्न

    3.
    कश्मीर के दोनों रूपों को दर्शाते सुन्दर हाइकु ……!!
    By: ज्योत्स्ना शर्मा on अक्टूबर 7, 2012
    at 5:41 अपराह्न

    4.
    कश्मीर वादी
    आकर्षित करती
    मन को खींचे …..

    तथ्यपूर्ण हाइकु ….
    By: sangeeta swarup on अक्टूबर 8, 2012
    at 2:12 अपराह्न

    5.
    धरती के स्वर्ग के वर्तमान हालात को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया है…। मन को छूते सुन्दर हाइकु…मेरी बधाई…।
    By: प्रियंका गुप्ता on अक्टूबर 9, 2012
    at 4:56 अपराह्न

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  2. ਆਪ ਸਭ ਦੋਸਤਾਂ ਨੇ ਮੇਰਾ ਹੌਸਲਾ ਵਧਾਇਆ ਹੈ! ਮੇਰੇ ਕੋਲ਼ ਸ਼ਬਦ ਨਹੀਂ ਹਨ ਆਪ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਨ ਲਈ !

    VIRENDERJIT

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